बुधवार, 21 अक्टूबर 2009

इश्क का हशर- सचिन सचदेवा


पेश है एक गुमशुम धड़कन की आवाज। मुझे नही पता की मेरे जैसे एक छोटे से शायर की यह पंक्तियाँ आपको कितनी अच्छी लगेगी। यदि यह आपके दिल को थोड़ा भी छू जाए तो हम अपने आपको खुशनसीब समझेंगे ।

तेरी हर बातों में हामी भरते है,
ये न समझना तुमसे डरते है,
तेरी हर बात माननी पड़ती है,
तुझे प्यार ही इतना करते है!!


उन्हें लगता है की हम हँस-हँस कर जिया करते है,
लेकिन उन्हें क्या पता, हम टूटे दिल को सिया करते है,
हे खुदा उन्हें ये एहसास दिला दे,
की हम तो उनकी एक दुआ के लिए जिया करते है!!


इश्क का रंग वो ही जाने,
जिसने चोंटे इश्क में खाई है,
हे खुदा दे उन्हें सहारा,
जिन्होंने सही इश्क में जुदाई है,
क्यूंकि तू हीं एक उनका सहारा है,
बाकि हर तरफ, रुशवाई ही रुशवाई है!!


मोहब्बत की कीमत तुम क्या जानो,
मोहब्बत में तो हम भी आंसू बहाए बैठे है,
अरे तुमसे अच्छी तो तुम्हारी यादें है,
जिन्हें हम सिने से लगाये बैठे है,!!


इतना ऐतबार तो अपनी सांसों पर नही,
जितना आपकी बातों पर करतें है,
इतना इन्तेज़ार तो कभी अपनी धडकनों का नही किया,
जितना आपकी एक मुस्कान का किया करतें हैं!!

धन्यबाद!!!

सचिन सचदेवा

2 टिप्‍पणियां:

ghughutibasuti ने कहा…

बढ़िया!
घुघूती बासूती

Udan Tashtari ने कहा…

मोहब्बत की कीमत तुम क्या जानो,
मोहब्बत में तो हम भी आंसू बहाए बैठे है,
अरे तुमसे अच्छी तो तुम्हारी यादें है,
जिन्हें हम सिने से लगाये बैठे है,!!

-बढ़िया है...नियमित लिखिये और खूब पढ़िये..शुभकामनाएँ.